हरिश्चंद्रगढ़ ट्रेक: कोंकण कड़ा, गुफाएँ और बादल
पुणे से रात के हरिश्चंद्रगढ़ ट्रेक की गाइड: कोंकण कड़ा, हरिश्चंद्रेश्वर मंदिर, केदारेश्वर गुफा, बादलों का सीज़न और बैग में क्या रखें।

हरिश्चंद्रगढ़ महाराष्ट्र के अहिल्यानगर ज़िले में एक पहाड़ी किला है, जिसकी ऊँचाई 1422 मी (4665 फ़ीट) है। इसमें अच्छी-ख़ासी चढ़ाई के साथ सह्याद्रि का सबसे पुराना इतिहास भी है, और यहीं है इस पर्वत श्रृंखला का सबसे मशहूर कड़ा: कोंकण कड़ा।
थोड़ा इतिहास
यह किला 6वीं सदी का है, कलचुरी वंश के समय का, और मत्स्यपुराण व अग्निपुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों में इसका ज़िक्र है। माना जाता है कि ऊपर की गुफाएँ और मंदिर 11वीं सदी में तराशे गए थे।
आप क्या देखेंगे
- कोंकण कड़ा: कोंकण क्षेत्र की ओर देखता एक विशाल, घुमावदार कड़ा। सही मौसम में यह ऊपर उठते बादलों और इंद्रवज्र (गोल इंद्रधनुष) के लिए मशहूर है।
- हरिश्चंद्रेश्वर मंदिर: भगवान शिव को समर्पित प्राचीन पत्थर का मंदिर, बारीक नक्काशी के साथ।
- केदारेश्वर गुफा: भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन गुफा मंदिर।
ट्रेक कैसे होता है
- पिकअप: रात 8:30 बजे मैकडॉनल्ड्स, जे.एम. रोड (डेक्कन जिमखाना) और रात 9:30 बजे नासिक फाटा मेट्रो स्टेशन
- बेस गाँव: पाचनई
- श्रेणी: हमारी पाँच चरणों वाली श्रेणी में आसान, लेकिन फिर भी यह लगातार चढ़ाई वाली एक लंबी रात है
- पुणे वापसी: अगले दिन रात लगभग 10 बजे (1–2 घंटे की देरी हो सकती है)
- कीमत: यह लिखते समय ₹1,399 प्रति व्यक्ति, जिसमें ट्रांसपोर्ट, खाना, गाइड और एंट्री फ़ीस शामिल है
हम रात भर सफ़र करके बेस गाँव पहुँचते हैं, फ़्रेश होते हैं और चढ़ाई शुरू करते हैं। पहला बड़ा पड़ाव कोंकण कड़ा है, जहाँ बादलों को जमा होते देखते हैं। फिर किला, मंदिर और केदारेश्वर गुफा घूमते हैं, दोपहर के खाने के लिए नीचे उतरते हैं और पुणे लौटते हैं।
बादलों का सीज़न
हमारे हरिश्चंद्रगढ़ बैच प्री-मानसून क्लाउड स्पेशल के तौर पर चलते हैं, जब बादल कड़े पर ऊपर चढ़ने लगते हैं। कोंकण कड़ा एकदम सीधी गहरी खाई है: किनारे से काफ़ी दूर रहें, ख़ासकर हवा और कोहरे में, और ट्रेक लीडर की बात मानें।
क्या साथ रखें
- पहचान पत्र
- अच्छी पकड़ वाले जूते, टॉर्च या हेडलैंप, और 2–3 लीटर पानी (सभी अनिवार्य)
- ऊपर की ठंड के लिए जैकेट
- ड्राई-फिट फुल ट्रैक पैंट और फुल स्लीव टी-शर्ट
- स्नैक्स, निजी दवाइयाँ और कपड़ों का एक अतिरिक्त जोड़ा
- रेनकोट या पोंचो (छाता नहीं) और बैकपैक (स्लिंग बैग नहीं)
हरिश्चंद्रगढ़ बुक करें
तारीख़ें और पूरा प्लान हरिश्चंद्रगढ़ ट्रेक पेज पर देखें। सबसे ऊँची चोटी भी चढ़नी है? पढ़ें हमारी कलसूबाई ट्रेक गाइड।